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vishnu 1.17.75: मूर्ख मनुष्य बचपन में खेल-कूद में लगे रहते हैं, जवानी में सांसारिक सुखों में उलझे रहते हैं और जब बुढ़ापा आता है, तो अपनी असमर्थता के कारण उसे बर्बाद कर देते हैं ॥ 75॥   |   vishnu अध्याय 1.17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  1.17.75 
बाल्ये क्रीडनकासक्ता यौवने विषयोन्मुखा:।
अज्ञा नयन्त्यशक्त्या च वार्द्धकं समुपस्थितम्॥ ७५॥
 
 
अनुवाद
मूर्ख मनुष्य बचपन में खेल-कूद में लगे रहते हैं, जवानी में सांसारिक सुखों में उलझे रहते हैं और जब बुढ़ापा आता है, तो अपनी असमर्थता के कारण उसे बर्बाद कर देते हैं ॥ 75॥
 
Foolish people indulge in games and sports in their childhood, get entangled in worldly pleasures in their youth and when old age comes, they waste it due to their inability. ॥ 75॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)