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बाल्ये क्रीडनकासक्ता यौवने विषयोन्मुखा:।
अज्ञा नयन्त्यशक्त्या च वार्द्धकं समुपस्थितम्॥ ७५॥
अनुवाद
मूर्ख मनुष्य बचपन में खेल-कूद में लगे रहते हैं, जवानी में सांसारिक सुखों में उलझे रहते हैं और जब बुढ़ापा आता है, तो अपनी असमर्थता के कारण उसे बर्बाद कर देते हैं ॥ 75॥
Foolish people indulge in games and sports in their childhood, get entangled in worldly pleasures in their youth and when old age comes, they waste it due to their inability. ॥ 75॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥