Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.17.63: यदि मूर्ख मनुष्य मांस, रक्त, मवाद, मल, मूत्र, स्नायु, मज्जा और हड्डियों के संग्रहरूप इस शरीर में प्रेम कर ले, तो उसे नरक भी प्रिय हो सकता है ॥ 63॥ | vishnu अध्याय 1.17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि मूर्ख मनुष्य मांस, रक्त, मवाद, मल, मूत्र, स्नायु, मज्जा और हड्डियों के संग्रहरूप इस शरीर में प्रेम कर ले, तो उसे नरक भी प्रिय हो सकता है ॥ 63॥
If a foolish person can develop love for this body which is a collection of flesh, blood, pus, feces, urine, nerves, marrow and bones, then he may even like hell. ॥ 63॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥