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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित
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श्लोक 59
श्लोक
1.17.59
गर्भवासादि यावत्तु पुनर्जन्मोपपादनम्।
समस्तावस्थकं तावद्दु:खमेवावगम्यताम्॥ ५९॥
अनुवाद
गर्भाधान आदि पुनर्जन्म में लाने वाली समस्त अवस्थाएँ दुःख ही कहलाती हैं ॥59॥
All the states which lead to rebirth, such as pregnancy, etc., are known as sorrows only. ॥ 59॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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