श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  1.17.32 
श्रीपराशर उवाच
इत्याज्ञप्तास्ततस्तेन प्रगृहीतमहायुधा:।
उद्यतास्तस्य नाशाय दैत्या: शतसहस्रश:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर बोले - उसकी आज्ञा पाते ही सैकड़ों-हजारों राक्षस बड़े-बड़े हथियार लेकर उसे मारने के लिए तैयार हो गये।
 
Sri Parashara said - Upon his command, hundreds and thousands of demons got ready with large weapons to kill him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)