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vishnu 1.17.2: प्राचीन काल में दिति के पुत्र महाबली हिरण्यकशिपु ने ब्रह्माजी की संपत्ति पाकर अभिमान (बल) करके सम्पूर्ण त्रिलोकी को अपने अधीन कर लिया था॥2॥   |   vishnu अध्याय 1.17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 17: हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  1.17.2 
दिते: पुत्रो महावीर्यो हिरण्यकशिपु: पुरा।
त्रैलोक्यं वशमानिन्ये ब्रह्मणो वरदर्पित:॥ २॥
 
 
अनुवाद
प्राचीन काल में दिति के पुत्र महाबली हिरण्यकशिपु ने ब्रह्माजी की संपत्ति पाकर अभिमान (बल) करके सम्पूर्ण त्रिलोकी को अपने अधीन कर लिया था॥2॥
 
In ancient times, Diti's son, the mighty Hiranyakashipu, having become proud (strong) with the inheritance of Lord Brahma, had subjugated the entire Triloki. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)