| श्री विष्णु पुराण » अंश 1: प्रथम अंश » अध्याय 16: नृसिंहावतारविषयक प्रश्न » श्लोक 14 |
|
| | | | श्लोक 1.16.14  | धर्मात्मनि महाभागे विष्णुभक्ते विमत्सरे।
दैतेयै: प्रहृतं कस्मात्तन्ममाख्यातुमर्हसि॥ १४॥ | | | | | | अनुवाद | | उस पुण्यात्मा, भाग्यवान और ईर्ष्यालु विष्णुभक्त को दैत्यों ने इतना कष्ट क्यों दिया? कृपा करके मुझे बताइए॥14॥ | | | | Why did the demons inflict so much trouble on that virtuous, fortunate and jealous devotee of Vishnu? Please tell me. ॥14॥ | | ✨ ai-generated | | |
|
|