श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  1.15.92 
हे हर्यश्वा महावीर्या: प्रजा यूयं करिष्यथ।
ईदृशो दृश्यते यत्नो भवतां श्रूयतामिदम्॥ ९२॥
 
 
अनुवाद
हे महाबली हरियश्वगण! ऐसा प्रतीत होता है कि आप लोग संतान उत्पन्न करने का प्रयत्न कर रहे हैं, अतः मेरी बात सुनिए॥ 92॥
 
"O mighty Hariyashvagan! It seems that you people are trying to generate progeny, so listen to what I say.॥ 92॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)