vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 1: प्रथम अंश
»
अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन
»
श्लोक 90
श्लोक
1.15.90
अथ पुत्रसहस्राणि वैरुण्यां पञ्च वीर्यवान्।
असिक्न्यां जनयामास सर्गहेतो: प्रजापति:॥ ९०॥
अनुवाद
तत्पश्चात् वीर्यवान प्रजापति दक्ष ने स्वर्ग के विस्तार के लिए उजाड़ असिक्नी से पाँच हजार पुत्रों को जन्म दिया ॥90॥
Thereafter, the seminal Prajapati Daksh gave birth to five thousand sons from the desolate Asikni for the expansion of heaven. 90॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×