श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 85
 
 
श्लोक  1.15.85 
श्रीमैत्रेय उवाच
देवानां दानवानां च गन्धर्वोरगरक्षसाम्।
उत्पत्तिं विस्तरेणेह मम ब्रह्मन‍्प्रकीर्त्तय॥ ८५॥
 
 
अनुवाद
श्री मैत्रेयजी बोले - हे ब्राह्मण! आप मुझे देवता, दानव, गन्धर्व, नाग और राक्षसों की उत्पत्ति का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए ॥85॥
 
Shri Maitreyaji said – O Brahmin! You tell me in detail the origin of gods, demons, Gandharvas, snakes and demons. 85॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)