श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 80
 
 
श्लोक  1.15.80 
श्रीमैत्रेय उवाच
अङ‍‍गुष्ठाद्दक्षिणाद्दक्ष: पूर्वं जातो मया श्रुत:।
कथं प्राचेतसो भूय: समुत्पन्नो महामुने॥ ८०॥
 
 
अनुवाद
श्रीमैत्रेयजी बोले - हे महामुनि! मैंने सुना था कि दक्ष ब्रह्मा के दाहिने अँगूठे से उत्पन्न हुए थे, फिर वे प्रचेतस के पुत्र कैसे हुए?॥80॥
 
Sri Maitreya said - O great sage! I had heard that Daksha was born from Brahma's right thumb, then how did he become the son of the Prachetas?॥ 80॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)