श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  1.15.8 
मारिषा नाम नाम्नैषा वृक्षाणामिति निर्मिता।
भार्या वोऽस्तु महाभागा ध्रुवं वंशविवर्द्धिनी॥ ८॥
 
 
अनुवाद
यह वृक्षों की पुत्री मारिषा नाम से प्रसिद्ध है। यह महान् स्त्री केवल आपकी पत्नी बनने के लिए ही उत्पन्न हुई है, जो निश्चय ही आपके वंश की वृद्धि करेगी। ॥8॥
 
This daughter of the trees is known as Marisha. This great lady has been born for the sole purpose of becoming your wife who will certainly increase your lineage. ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)