श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  1.15.73 
श्रीपराशर उवाच
तत: सोमस्य वचनाज्जगृहुस्ते प्रचेतस:।
संहृत्य कोपं वृक्षेभ्य: पत्नीधर्मेण मारिषाम्॥ ७३ ॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर बोले - तब सोमदेव के कहने पर प्रचेतस ने अपना क्रोध शांत किया और वृक्षों में से मारिषा को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया।
 
Shri Parashara said - Then at the behest of Somdev, the Prachetas calmed their anger and accepted Marisha from the trees as their wife.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)