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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन
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श्लोक 71
श्लोक
1.15.71
त्वं चाप्ययोनिजा साध्वी रूपौदार्यगुणान्विता।
मन:प्रीतिकरी नॄणां मत्प्रसादाद्भविष्यसि॥ ७१॥
अनुवाद
और मेरी कृपा से तुम भी अयोनिजा के रूप में जन्म लोगी, जो रूपवान, सुन्दर और लोगों के हृदय को प्रसन्न करने वाली होगी ॥71॥
And by my grace, you too will be born as Ayonija, generous in appearance, well-groomed and pleasing to the hearts of people. 71॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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