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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन
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श्लोक 70
श्लोक
1.15.70
वंशानां तस्य कर्तृत्वं जगत्यस्मिन्भविष्यति।
त्रैलोक्यमखिला सूतिस्तस्य चापूरयिष्यति॥ ७०॥
अनुवाद
वह इस लोक में अनेक वंशों का प्रवर्तक होगा और उसकी सन्तान तीनों लोकों में फैलेगी ॥70॥
He will be the originator of many dynasties in this world and his progeny will spread throughout the three worlds. ॥ 70॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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