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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन
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श्लोक 63
श्लोक
1.15.63
भगवन्बालवैधव्याद् वृथाजन्माहमीदृशी।
मन्दभाग्या समुद्भूता विफला च जगत्पते॥ ६३॥
अनुवाद
"हे प्रभु! मेरा जन्म व्यर्थ हुआ, क्योंकि मैं बाल-विधवा हो गई। हे जगत के स्वामी! मैं कितनी अभागिनी हूँ कि बिना सन्तान के जन्मी हूँ ॥ 63॥
"O Lord! My birth was in vain because I became a child widow. O Lord of the world! I am so unfortunate that I was born without any offspring. ॥ 63॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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