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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन
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श्लोक 61
श्लोक
1.15.61
अपुत्रा प्रागियं विष्णुं मृते भर्त्तरि सत्तमा।
भूपपत्नी महाभागा तोषयामास भक्तित:॥ ६१॥
अनुवाद
यह साध्वी पूर्वजन्म में एक रानी थी। जब उसके पति की मृत्यु पुत्रहीन होकर हुई, तब इस सौभाग्यवती स्त्री ने अपनी भक्ति से भगवान विष्णु को प्रसन्न किया।
This saint was a queen in her previous life. When her husband died without a son, this fortunate lady pleased Lord Vishnu with her devotion. 61.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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