श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  1.15.47 
निर्मार्जमाना गात्राणि गलत्स्वेदजलानि वै।
वृक्षाद‍्वृक्षं ययौ बाला तदग्रारुणपल्लवै:॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
लड़की एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर जाती रही, पेड़ों के नए लाल पत्तों से अपने पसीने से भीगे शरीर को पोंछती रही।
 
The girl kept moving from one tree to another, wiping her sweat-soaked body with the new red leaves of the trees. 47.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)