श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  1.15.35 
सोम उवाच
निशम्य तद्वच: सत्यं स मुनिर्नृपनन्दना:।
धिग्धिङ् मामित्यतीवेत्थं निनिन्दात्मानमात्मना॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
सोम ने कहा - हे राजकुमारों! उसके सत्य वचन सुनकर ऋषि ने कहा - 'हाय! हाय!' और अपने को बहुत कोसा।
 
Som said - O princes! On hearing his true words, the sage said, 'Woe to me! Woe to me!' and cursed himself a lot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)