श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  1.15.30 
प्रम्लोचोवाच
प्रत्यूषस्यागता ब्रह्मन् सत्यमेतन्न तन्मृषा।
नन्वस्य तस्य कालस्य गतान्यब्दशतानि ते॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
प्रम्लोचा बोली - हे ब्रह्मन्! आपने जो कहा कि 'आप प्रातःकाल आये' वह सत्य है, इसमें कोई झूठ नहीं है; किन्तु उस बात को सैकड़ों वर्ष बीत चुके हैं।
 
Pramlocha said - O Brahman! What you said that 'you came early in the morning' is correct, there is no lie in it; but hundreds of years have passed since that time.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)