श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  1.15.27 
बहूनां विप्र वर्षाणां परिवृत्तमहस्तव।
गतमेतन्न कुरुते विस्मयं कस्य कथ्यताम्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
हे ब्राह्मण! बहुत वर्षों के बाद आज तुम्हारा दिन अस्त हुआ है; बताओ, इससे किसे आश्चर्य नहीं होगा?
 
O Brahmin, after many years your day has set today; tell me, who will not be surprised by this?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)