vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 1: प्रथम अंश
»
अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन
»
श्लोक 27
श्लोक
1.15.27
बहूनां विप्र वर्षाणां परिवृत्तमहस्तव।
गतमेतन्न कुरुते विस्मयं कस्य कथ्यताम्॥ २७॥
अनुवाद
हे ब्राह्मण! बहुत वर्षों के बाद आज तुम्हारा दिन अस्त हुआ है; बताओ, इससे किसे आश्चर्य नहीं होगा?
O Brahmin, after many years your day has set today; tell me, who will not be surprised by this?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×