श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  1.15.24 
एकदा तु त्वरायुक्तो निश्चक्रामोटजान्मुनि:।
निष्क्रामन्तं च कुत्रेति गम्यते प्राह सा शुभा॥ २४॥
 
 
अनुवाद
एक दिन ऋषि जल्दी में अपनी कुटिया से निकले। जाते समय उस सुंदर स्त्री ने पूछा, "आप कहाँ जा रहे हैं?"
 
One day the sage left his hut in a hurry. As he was leaving the beautiful lady said, "Where are you going?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)