श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.15.17 
अनुज्ञां देहि भगवन् व्रजामि त्रिदशालयम्।
उक्तस्तथेति स पुन: स्थीयतामित्यभाषत॥ १७॥
 
 
अनुवाद
फिर भी जब उसने पूछा कि हे प्रभु! मुझे स्वर्ग जाने की अनुमति दीजिए, तब ऋषि ने कहा कि थोड़ी देर और प्रतीक्षा कीजिए।॥17॥
 
Even then, when he asked, 'O Lord! Please allow me to go to heaven', the sage said, 'Wait a little while longer.'॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)