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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन
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श्लोक 16
श्लोक
1.15.16
एवमुक्ता ततस्तेन साग्रं वर्षशतं पुन:।
बुभुजे विषयांस्तन्वी तेन साकं महात्मना॥ १६॥
अनुवाद
उनके ऐसा कहने पर वह सुन्दरी महात्मा कण्डु के साथ सौ वर्ष तक रही और नाना प्रकार के सुख भोगती रही॥ 16॥
Upon his saying so, the beautiful lady stayed with Mahatma Kandu for another hundred years and enjoyed various kinds of pleasures.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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