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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन
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श्लोक 156
श्लोक
1.15.156
धर्मात्मा सत्यशौर्यादिगुणानामाकर: पर:।
उपमानमशेषाणां साधूनां य: सदाभवत्॥ १५६॥
अनुवाद
तथा जो परम धार्मिक महापुरुष थे, सत्य और वीरता जैसे गुणों के अवतार थे तथा समस्त संतों के लिए आदर्श थे ॥156॥
And who was a supremely religious great man, the embodiment of qualities like truth and bravery and an example for all the saints. 156॥
इति श्रीविष्णुपुराणे प्रथमेंऽशे पञ्चदशोऽध्याय:॥ १५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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