श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 151
 
 
श्लोक  1.15.151 
विषाणभङ्गमुन्मत्ता मदहानिं च दिग्गजा:।
यस्य वक्ष:स्थले प्राप्ता दैत्येन्द्रपरिणामिता:॥ १५१॥
 
 
अनुवाद
दैत्येन्द्र द्वारा आक्रमण के लिए नियुक्त उन उन्मत्त दैत्यों के दांत उनकी छाती पर प्रहार करने से टूट गए और उनका सारा गर्व चूर-चूर हो गया ॥151॥
 
The teeth of the mad giants appointed by the Daityendra for the attack were broken when they struck their chests and all their pride was crushed. ॥151॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)