यथा सूर्यस्य मैत्रेय उदयास्तमनाविह।
एवं देवनिकायास्ते सम्भवन्ति युगे युगे॥ १३९॥
अनुवाद
हे मैत्रेय! जिस प्रकार इस संसार में सूर्य का उदय और अस्त होता रहता है, उसी प्रकार ये देवता भी प्रत्येक युग में उत्पन्न होते रहते हैं॥139॥
O Maitreya! Just as the rising and setting of the Sun keep happening in this world, in the same way these gods also keep being born in every age.॥ 139॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)