श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 133
 
 
श्लोक  1.15.133 
या: सप्तविंशति: प्रोक्ता: सोमपत्न्योऽथ सुव्रता:।
सर्वा नक्षत्रयोगिन्यस्तन्नाम्न्यश्चैव ता: स्मृता:॥ १३३॥
 
 
अनुवाद
सोम की सत्ताईस गुणवती पत्नियाँ, जिनका हम पहले वर्णन कर चुके हैं, वे सब नक्षत्रयोगिनियाँ हैं और उन्हीं नामों से प्रसिद्ध हैं ॥133॥
 
The twenty-seven virtuous wives of Som, about whom we have spoken earlier, are all Nakshatra-yoginis and are famous by those names only.॥ 133॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)