श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 130
 
 
श्लोक  1.15.130 
तत्र विष्णुश्च शक्रश्च जज्ञाते पुनरेव हि।
अर्यमा चैव धाता च त्वष्टा पूषा तथैव च॥ १३०॥
 
 
अनुवाद
उन्हीं से वे अत्यंत तेजस्वी उत्पन्न हुए और विष्णु, इंद्र, अर्यमा, धाता, त्वष्टा, पूषा, विवस्वान, सविता, मैत्र, वरुण, अंशू और भग नामक बारह आदित्य कहलाए। 130-131॥
 
Those very bright ones were born from him and were called the twelve Adityas named Vishnu, Indra, Aryama, Dhata, Tvashta, Pusha, Vivaswan, Savita, Maitra, Varun, Anshu and Bhag. 130-131॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)