Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.15.126-127: पूर्व (चाक्षुष) मन्वन्तर में तुषित नाम वाले बारह महान देवता हुए थे। वैवस्वत-मन्वन्तर के पश्चात् प्रसिद्ध एवं श्रेष्ठ चाक्षुष मन्वन्तर के पश्चात् वे एक-दूसरे के पास जाकर एक-दूसरे से मिले और एक-दूसरे से कहने लगे-॥126—127॥ | vishnu अध्याय 1.15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पूर्व (चाक्षुष) मन्वन्तर में तुषित नाम वाले बारह महान देवता हुए थे। वैवस्वत-मन्वन्तर के पश्चात् प्रसिद्ध एवं श्रेष्ठ चाक्षुष मन्वन्तर के पश्चात् वे एक-दूसरे के पास जाकर एक-दूसरे से मिले और एक-दूसरे से कहने लगे-॥126—127॥
In the former (Chakshusha) Manvantara, there were twelve great gods named Tushit. After the presence of Vaivaswat-Manvantar, after the famous and best Chakshusha Manvantar, they went to each other, met each other and started saying to each other -॥ 126—127॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥