श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 124-125
 
 
श्लोक  1.15.124-125 
कश्यपस्य तु भार्या यास्तासां नामानि मे शृणु।
अदितिर्दितिर्दनुश्चैवारिष्टा च सुरसा खसा॥ १२४॥
सुरभिर्विनता चैव ताम्रा क्रोधवशा इरा।
कद्रुर्मुनिश्च धर्मज्ञ तदपत्यानि मे शृणु॥ १२५॥
 
 
अनुवाद
उन [दक्षकन्याओं] के नाम सुनो जो कश्यपजी की पत्नियाँ बनीं - वे अदिति, दिति, दनु, अरिष्टा, सुरसा, खास, सुरभि, विनता, ताम्रा, क्रोधवशा, इरा, कद्रू और मुनि थीं। हे धर्मात्मा! अब आप उनके बच्चों का विवरण सुनिए. 124-125॥
 
Listen to the names of those [Dakshakanyas] who became the wives of Kashyapji—they were Aditi, Diti, Danu, Arishta, Surasa, Khasa, Surbhi, Vinata, Tamra, Krodhavasha, Ira, Kadru and Muni. O religious man! Now you listen to the details of his children. 124-125॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)