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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन
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श्लोक 119
श्लोक
1.15.119
विश्वकर्मा महाभागस्तस्यां जज्ञे प्रजापति:।
कर्ता शिल्पसहस्राणां त्रिदशानां च वर्द्धकी॥ ११९॥
अनुवाद
उसी से हजारों शिल्पों के रचयिता और देवताओं के शिल्पी महाप्रजापति विश्वकर्मा उत्पन्न हुए ॥119॥
From that was born the great Prajapati Vishwakarma, the creator of thousands of crafts and the architect of the gods. ॥119॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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