श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 117
 
 
श्लोक  1.15.117 
प्रत्यूषस्य विदु: पुत्रं ऋषि नाम्नाथ देवलम्।
द्वौ पुत्रौ देवलस्यापि क्षमावन्तौ मनीषिणौ॥ ११७॥
 
 
अनुवाद
देवल नामक ऋषि प्रत्यूष के पुत्र बताए जाते हैं। देवल के दो क्षमाशील और बुद्धिमान पुत्र भी थे।
 
A sage named Deval is said to be the son of Pratyush. Deval also had two forgiving and wise sons. 117.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)