श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 115-116
 
 
श्लोक  1.15.115-116 
अग्निपुत्र: कुमारस्तु शरस्तम्बे व्यजायत।
तस्य शाखो विशाखश्च नैगमेयश्च पृष्ठजा:॥ ११५॥
अपत्यं कृत्तिकानां तु कार्त्तिकेय इति स्मृत:॥ ११६॥
 
 
अनुवाद
अग्नि के पुत्र कुमार का जन्म शरस्तम्ब (ईख) से हुआ था, वे कृत्तिकाओं के पुत्र होने के कारण कार्तिकेय कहलाए। शक, विशाख और नैगमेय उनके छोटे भाई थे।
 
Agni's son Kumar was born from Sharastamba (reed), he was called Kartikeya as he was the son of Krittikas. Shakha, Vishakha and Naigameya were his younger brothers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)