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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन
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श्लोक 111
श्लोक
1.15.111
आपस्य पुत्रो वैतण्ड: श्रम: शान्तो ध्वनिस्तथा।
ध्रुवस्य पुत्रो भगवान्कालो लोकप्रकालन:॥ १११॥
अनुवाद
आपके पुत्र वैतण्ड, श्रमा, शान्त और ध्वनि थे और ध्रुव के पुत्र भगवान काल थे, जो लोकों का नाश करने वाले थे। 111.
Your sons were Vaitanda, Shrama, Shanta and Dhvani, and Dhruva's son was Lord Kaal, the destroyer of the worlds. 111.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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