श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.15.11 
कण्डुर्नाम मुनि: पूर्वमासीद्वेदविदां वर:।
सुरम्ये गोमतीतीरे स तेपे परमं तप:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
प्राचीन काल में वेदों के विद्वानों में श्रेष्ठ कंडु नामक एक ऋषि थे। उन्होंने गोमती नदी के अत्यंत रमणीय तट पर घोर तपस्या की।
 
In ancient times, there was a sage named Kandu who was the best amongst the scholars of Vedas. He performed severe penance on the extremely beautiful banks of the river Gomti.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)