ये त्वनेकवसुप्राणदेवा ज्योति:पुरोगमा:।
वसवोऽष्टौसमाख्यातास्तेषां वक्ष्यामि विस्तरम्॥ १०९॥
अनुवाद
ज्योति आदि आठ प्रसिद्ध वसु, जिनके प्राण नाना प्रकार के वसु (तेज या धन) हैं, अब मैं उनकी वंश-परंपरा का विस्तारपूर्वक वर्णन करूँगा ॥109॥
The eight famous Vasus like Jyoti etc., whose life is the various types of Vasu (brilliance or wealth), I shall now describe in detail their lineage. ॥109॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)