श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 106
 
 
श्लोक  1.15.106 
विश्वेदेवास्तु विश्वाया:साध्या साध्यानजायत।
मरुत्वत्यां मरुत्वन्तो वसोश्च वसव: स्मृता:।
भानोस्तु भानव: पुत्रा मुहूर्तायां मुहूर्तजा:॥ १०६॥
 
 
अनुवाद
विश्वा के पुत्र विश्वेदेव, साध्य से साध्यगण, मरुतवती से मरुत्वान, वसु से वसुगण, भानु से भानु और मुहूर्तशा से मुहूर्तवनि देवगण हुए। 106॥
 
Vishva's son was Vishvedeva, from Sadhya were Sadhyagans, from Marutvati were Marutvans, from Vasus were Vasuganas, from Bhanu were Bhanu and from Muhurtasa were Muhurtavni Devganas. 106॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)