श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 105
 
 
श्लोक  1.15.105 
अरुन्धती वसुर्यामिर्लम्बा भानुर्मरुत्वती।
सङ्कल्पा च मुहूर्ता च साध्या विश्वा च तादृशी।
धर्मपत्न्यो दश त्वेतास्तास्वपत्यानि मे शृणु॥ १०५॥
 
 
अनुवाद
अरुंधति, वसु, यमी, लम्बा, भानु, मरुत्वती, संकल्पा, मुहूर्ता, साध्या और विश्वा- ये दस धर्मों की पत्नियाँ थीं; अब आप उनके पुत्रों का विवरण सुनिये। 105॥
 
Arundhati, Vasu, Yami, Lamba, Bhanu, Marutvati, Sankalpa, Muhurta, Sadhya and Vishva—these were the wives of the ten religions; Now you listen to the details of his sons. 105॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)