श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन  »  श्लोक 102
 
 
श्लोक  1.15.102 
सर्गकामस्ततो विद्वान‍्स मैत्रेय प्रजापति:।
षष्टिं दक्षोऽसृजत्कन्या वैरुण्यामिति न: श्रुतम्॥ १०२॥
 
 
अनुवाद
हे मैत्रेय! हमने सुना है कि उस समय विद्वान प्रजापति ने समृद्धि की इच्छा से वैरुणि से साठ कन्याएँ उत्पन्न कीं ॥102॥
 
O Maitreya! We have heard that then that learned Prajapati, with the desire of prosperity, gave birth to sixty daughters from Vairuni. 102॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)