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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 15: प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन
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श्लोक 10
श्लोक
1.15.10
मम चांशेन संयुक्तो युष्मत्तेजोमयेन वै।
तेजसाग्निसमो भूय: प्रजा: संवर्द्धयिष्यति॥ १०॥
अनुवाद
वह तुम्हारे तेज सहित मेरे अंश से संयुक्त होकर अपने तेज के कारण अग्नि के समान हो जाएगा और प्रजा की बहुत वृद्धि करेगा ॥10॥
Combined with my part along with your radiance, he will become like fire due to his radiance and will greatly increase the population. ॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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