Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
vishnu 1.14.43: हम भगवान विष्णु के उस परम पद को नमस्कार करते हैं, जिनका शासन ही परम गुण है, जो सर्वव्यापी और आधारहीन हैं, तथा जो जिह्वा और दृष्टि की पहुँच से परे हैं ॥ 43॥   |   vishnu अध्याय 1.14: प्राचीनबर्हिका जन्म और प्रचेताओंका भगवदाराधन   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 14: प्राचीनबर्हिका जन्म और प्रचेताओंका भगवदाराधन  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  1.14.43 
परमेशत्वगुणवत्सर्वभूतमसंश्रयम्।
नता: स्म तत्पदं विष्णोर्जिह्वादृग्गोचरं न यत्॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
हम भगवान विष्णु के उस परम पद को नमस्कार करते हैं, जिनका शासन ही परम गुण है, जो सर्वव्यापी और आधारहीन हैं, तथा जो जिह्वा और दृष्टि की पहुँच से परे हैं ॥ 43॥
 
We salute that supreme position of Lord Vishnu whose rule is the ultimate attribute, who is omnipresent and without any basis, and who is beyond the reach of tongue and sight. ॥ 43॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)