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vishnu 1.14.30: जो समस्त देवताओं के लिए हवन हैं और पितरों के लिए काव्य के मुख हैं, उन अग्निस्वरूप भगवान विष्णु को नमस्कार है॥30॥   |   vishnu अध्याय 1.14: प्राचीनबर्हिका जन्म और प्रचेताओंका भगवदाराधन   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 14: प्राचीनबर्हिका जन्म और प्रचेताओंका भगवदाराधन  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  1.14.30 
यो मुखं सर्वदेवानां हव्यभुक् कव्यभुक् तथा।
पितॄणां च नमस्तस्मै विष्णवे पावकात्मने॥ ३० ॥
 
 
अनुवाद
जो समस्त देवताओं के लिए हवन हैं और पितरों के लिए काव्य के मुख हैं, उन अग्निस्वरूप भगवान विष्णु को नमस्कार है॥30॥
 
Salutations to Lord Vishnu in the form of fire who is the oblation of all the gods and the mouth of poetry for the ancestors. 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)