Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 1.14.28: जो पृथ्वीरूपी हैं और जो इस सम्पूर्ण जगत् को बड़ी कठिनाई से धारण करते हैं तथा जो शब्द आदि पाँच इन्द्रिय-विषयों के आधार और व्यापक हैं, उन प्रभु को नमस्कार है ॥28॥ | vishnu अध्याय 1.14: प्राचीनबर्हिका जन्म और प्रचेताओंका भगवदाराधन । vishnu अंश 1: प्रथम अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
काठिन्य वान् यो बिभर्त्ति जगदेतदशेषत:।
शब्दादिसंश्रयो व्यापी तस्मै भूम्यात्मने नम:॥ २८ ॥
अनुवाद
जो पृथ्वीरूपी हैं और जो इस सम्पूर्ण जगत् को बड़ी कठिनाई से धारण करते हैं तथा जो शब्द आदि पाँच इन्द्रिय-विषयों के आधार और व्यापक हैं, उन प्रभु को नमस्कार है ॥28॥
Salutations to that Lord who is in the form of the earth and who holds this entire universe with great difficulty and who is the basis and pervasive of the five sense-objects like sound etc. ॥28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥