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vishnu 1.14.21: श्री मैत्रेयजी बोले - हे मुनिश्रेष्ठ! समुद्र के जल में रहते हुए ऋषियों ने भगवान विष्णु की जो परम पवित्र स्तुति की थी, उसे आप कृपा करके मुझसे कहिए। 21॥   |   vishnu अध्याय 1.14: प्राचीनबर्हिका जन्म और प्रचेताओंका भगवदाराधन   ।   vishnu अंश 1: प्रथम अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 14: प्राचीनबर्हिका जन्म और प्रचेताओंका भगवदाराधन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  1.14.21 
श्रीमैत्रेय उवाच
स्तवं प्रचेतसो विष्णो: समुद्राम्भसि संस्थिता:।
चक्रुस्तन्मे मुनिश्रेष्ठ सुपुण्यं वक्तुमर्हसि॥ २१॥
 
 
अनुवाद
श्री मैत्रेयजी बोले - हे मुनिश्रेष्ठ! समुद्र के जल में रहते हुए ऋषियों ने भगवान विष्णु की जो परम पवित्र स्तुति की थी, उसे आप कृपा करके मुझसे कहिए। 21॥
 
Shri Maitreyaji said – O great sage! Please tell me the most sacred praises that the sages had given to Lord Vishnu while living in the ocean water. 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)