पृथिव्युवाच
प्रजानामुपकाराय यदि मां त्वं हनिष्यसि।
आधार: क: प्रजानां ते नृपश्रेष्ठ भविष्यति॥ ७५॥
अनुवाद
पृथ्वी बोली, "हे राजाओं में श्रेष्ठ! यदि आप अपनी प्रजा के हित के लिए मुझे मारना चाहते हैं, तो [मेरी मृत्यु के बाद] आपकी प्रजा का क्या भरण-पोषण होगा?"
The Earth said, "O best of kings! If you want to kill me for the good of your subjects, then what will be the support of your subjects [after my death]?"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥