श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 13: राजा वेन और पृथुका चरित्र  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  1.13.73 
पृथिव्युवाच
स्त्रीवधे त्वं महापापं किं नरेन्द्र न पश्यसि।
येन मां हन्तुमत्यर्थं प्रकरोषि नृपोद्यमम्॥ ७३ ॥
 
 
अनुवाद
पृथ्वी बोली - हे राजन! क्या आप स्त्री-हत्याका महान पाप नहीं देखते जो मुझे मारने पर तुले हुए हैं?॥ 73॥
 
The Earth said - O King, don't you see the great sin of killing a woman, that you are so hell-bent on killing me?॥ 73॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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