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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 13: राजा वेन और पृथुका चरित्र
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श्लोक 49
श्लोक
1.13.49
आपस्तस्तम्भिरे चास्य समुद्रमभियास्यत:।
पर्वताश्च ददुर्मार्गं ध्वजभङ्गश्च नाभवत्॥ ४९॥
अनुवाद
जब वह समुद्र पर चलता तो जल रुक जाता, पर्वत उसे रास्ता दे देते और उसकी ध्वजा कभी नष्ट नहीं होती थी ॥49॥
When he walked on the sea the waters would stop flowing, the mountains would give him way and his flag was never destroyed. ॥ 49॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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