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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 13: राजा वेन और पृथुका चरित्र
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श्लोक 46
श्लोक
1.13.46
विष्णुचक्रं करे चिह्नं सर्वेषां चक्रवर्तिनाम्।
भवत्यव्याहतो यस्य प्रभावस्त्रिदशैरपि॥ ४६॥
अनुवाद
भगवान विष्णु का यह चक्र चिह्न समस्त चक्रवर्ती राजाओं के हाथों में विद्यमान है। इसका प्रभाव देवताओं द्वारा भी कभी नष्ट नहीं होता ॥46॥
This symbol of the discus of Lord Vishnu is present in the hands of all the Chakravarti kings. His influence is never thwarted even by the gods. ॥ 46॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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