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श्री विष्णु पुराण
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अंश 1: प्रथम अंश
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अध्याय 13: राजा वेन और पृथुका चरित्र
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श्लोक 19
श्लोक
1.13.19
यज्ञैर्यज्ञेश्वरो येषां राष्ट्रे सम्पूज्यते हरि:।
तेषां सर्वेप्सितावाप्तिं ददाति नृप भूभृताम्॥ १९॥
अनुवाद
हे राजन! जिसके राज्य में यज्ञों द्वारा भगवान यज्ञेश्वर की पूजा होती है, वे उसकी समस्त कामनाओं को पूर्ण करते हैं ॥19॥
O King, in whose kingdom the Lord Yajneshwar is worshipped through Yagyas, He fulfils all his desires. ॥19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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