श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 13: राजा वेन और पृथुका चरित्र  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.13.11 
श्रीपराशर उवाच
सुनीथा नाम या कन्या मृत्यो: प्रथमतोऽभवत्।
अङ्गस्य भार्या सा दत्ता तस्यां वेनो व्यजायत॥ ११॥
 
 
अनुवाद
श्री पराशर जी बोले - हे ऋषिवर! मृत्यु ने अपनी प्रथम पुत्री सुनीथा को अंग को पत्नी रूप में दिया था। उससे वेन उत्पन्न हुई।
 
Shri Parashar Ji said - O sage! Mrityu's first daughter named Sunitha was given to Ang as his wife. Vena was born from her.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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